मेट्रो में बहुत भीड़ थी और हर कोई थोड़ी-सी जगह पाने की कोशिश कर रहा था। गुलाबी स्कर्ट पहने एक युवती हैंडल पकड़कर खड़ी थी, तभी उसने देखा कि एक आदमी उसके बहुत करीब खड़ा है।
अचानक, उस आदमी ने अपना हाथ उठाया और उसी हैंडल को पकड़ लिया, जिसे युवती पकड़े हुए थी। वह असहज महसूस करने लगी और उससे दूर हटने की कोशिश की, लेकिन वहाँ जगह ही नहीं थी।
आदमी ने एक शब्द भी नहीं कहा। युवती को लगने लगा कि वह जानबूझकर उसके निजी स्थान में दखल दे रहा है। वह पलटकर उसे कुछ कहने ही वाली थी।
लेकिन तभी मेट्रो की रफ्तार धीमी होने लगी। उस आदमी ने हैंडल छोड़ दिया और दरवाज़े के पास खड़े एक छोटे बच्चे की ओर तेजी से दौड़ा, जो खतरनाक तरीके से दरवाज़े के करीब था।
उसने तुरंत बच्चे को पीछे खींचा और सुनिश्चित किया कि वह सुरक्षित है। युवती यह देखकर हैरान रह गई और उसे एहसास होने लगा कि शायद उसने पूरी स्थिति को गलत समझ लिया था।
लेकिन फिर हुआ सबसे चौंकाने वाला खुलासा!
वह छोटा बच्चा दौड़कर उस आदमी के पास आया, उससे लिपट गया और चिल्लाया, “पापा!” 😳
अचानक सब कुछ समझ में आ गया। वह आदमी कोई संदिग्ध अजनबी नहीं था, बल्कि एक पिता था, जो भीड़भाड़ वाली मेट्रो में अपने बच्चे का ध्यान रख रहा था!
सच्चाई जानकर युवती को अपनी जल्दबाज़ी में की गई धारणा पर शर्मिंदगी महसूस हुई।
किसी को भी जल्दी में जज मत करो। कभी-कभी सच्चाई हमारी सोच से बिल्कुल अलग होती है! 👀19:00